Thursday, 7 April 2016

हल्‍दी वाला दूध पीने का जबरदस्‍त फायदा : BENEFIT OF DRINKING TURMERIC MILK

हल्‍दी वाला दूध पीने का जबरदस्‍त फायदा


हल्दी और दूध के प्राकृतिक प्रतिजैविक गुण होते हैं। इन दो प्राकृतिक अवयवों को अपने दैनिक आहार में सम्मिलित कर आप कई बीमारियों और संक्रमणों को रोक सकते हैं। हल्दी को जब दूध के साथ मिश्रित किया जाता है तो यह कई स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं में फायदेमन्द होता है। यह खतरनाक पर्यावरणीय विष पदार्थों और नुकसानदायक सूक्ष्मजीवों से लड़ने में एक प्रभावशाली उपाय है। हल्‍दी वाले दूध को बनाने कि विधि- एक इन्च हल्दी के टुकड़े को लें। दूध में 15 मिनट के लिये उबालें। दूध से हल्दी को छान लें। दूध को ठंडा करके पियें।

Turmeric Boiled Milk (Specially Cows Milk) has natural antibiotic / antiseptic properties. These two natural ingredients you can include in your daily diet, can prevent many illnesses and infections. Turmeric mixed with the milk is advantageous in many health problems. This is an effective measure in the fight against dangerous substances and harmful microorganisms, environmental toxin. Method of Making Turmeric Treated Milk: 

1. Take a crushed grape size piece of turmeric.
2. Put it in Cows Milk, Boil the milk for 15 minutes. 
3. By cooling down the milk so that it is easy to drink.
4. Drink it till infection goes away.



1- साँस सम्बन्धी बीमारियाँ
हल्दी वाला दूध प्रतिजैविक होने के कारण जीवाणु और विषाणु के संक्रमण पर हमला करता है। इससे श्वास सम्बन्धी बीमारियों के उपचार में लाभ मिलता है, क्योंकि यह मसाला आपके शरीर में गरमाहट लाता है और फेफड़े तथा साइनस में जकड़न से तुरन्त राहत मिलती है। यह अस्थमा और ब्रान्काइटिस के निदान का प्रभावशाली उपचार भी है।
2- कैन्सर
जलन और सूजन कम करने वाले गुणों के कारण यह स्तन, त्वचा, फेफड़े, प्रॉस्ट्रेट और बड़ी आँत के कैन्सर को रोकता है। यह कैन्सर कोशिकाओं से डीएनए को होने वाले नुकसान को रोकता है और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करता है।
3- नींद न आना
हल्दी वाला गर्म दूध ट्रिप्टोफैन नामक अमीनोअम्ल बनाता है जो शान्तिपूर्वक और गहरी नींद में सहायक होता है।
4- सर्दी और खाँसी
अपने प्रतिजीवाणु और प्रतिविषाणु गुणों के कारण हल्दी वाले दूध को सर्दी और खाँसी का सर्वश्रेष्ठ उपचार माना जाता है। इससे गले में खराश, सर्दी और खाँसी से तुरन्त राहत मिलती है।
5- गठिया
हल्दी वाले दूध को गठिया के निदान तथा रियूमेटॉइड गठिया के कारण सूजन के उपचार के लिये प्रयोग किया जाता है। यह जोड़ो और पेशियों को लचीला बनाकर दर्द को कम करने में भी सहायक होता है।
6- पीड़ा और दर्द
हल्दी वाले सुनहरे दूध से पीड़ा और दर्द में सबसे बढ़िया राहत मिलती है। यह रीढ़ की हड्डी और शरीर में जोड़ों को मजबूत बनाता है।
7- ऐन्टी-ऑक्सीडन्ट
हल्दी वाला दूध मुक्त रैडिकल्स से लड़ने वाले ऐन्टी-ऑक्सीडेन्ट का बेहतरीन स्रोत है। इससे कई बीमारियाँ ठीक हो सकती हैं।
8- रक्त के शोधक के रूप में
आयुर्वेदिक परम्परा में हल्दी वाले दूध को एक बेहतरीन रक्त शोधक माना गया है। यह शरीर में रक्त परिसंचरण को मजबूत बनाता है। यह रक्त को पतला करने वाला तथा लिम्फ तन्त्र और रक्त वाहिकाओं की गन्दगी को साफ करने वाला होता है।
9- यकृत को विष मुक्त करना
हल्दी वाला दूध प्रकृतिक रूप से यकृत को विषमुक्त करने वाला और रक्त को शोधित करने वाला होता है जो यकृत को मजबूत बनाता है। यह यकृत को सहारा देता है और लिम्फ तन्त्र को साफ करता है।
10- हड्डियों का स्वास्थ्य
हल्दी वाला दूध कैल्शियम का अच्छा स्रोत होता है जोकि हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिये जरूरी होता है। भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेन्दुलकर हड्डियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिये इसे रोज पीते हैं। हल्दी वाले दूध से हड्डियों में नुकसान और ऑस्टियोपोरेसिस में कमी आती है।
11- पाचन सम्बन्धी स्वास्थ्य
यह एक शक्तिशाली ऐन्टी-सेप्टिक होता है और आँत के स्वस्थ बनाने के साथ-साथ पेट के अल्सर और कोलाइटिस का उपचार करता है। इससे पाचन बेहतर होता है और अल्सर, डायरिया और अपच नहीं होता।
12 – माहवारी सम्बन्धी दर्द हल्दी वाला दूध चम्तकारी रूप से कार्य करता है क्योंकि इससे माहवारी में होने वाले दर्द में राहत मिलती है। गर्भवती महिलाओं को इस सुनहरे दूध को आसान प्रसव, प्रसव बाद सुधार, बेहतर दूध उत्पादन और अणडाशय के तेज सिकुड़न के लिये लेना चाहिये।
13- त्वचा का लाल होना
क्लियोपाट्रा कोमल, लचीले और कान्तिमय त्वचा के लिये हल्दी वाले दूध से नहाती थीं। इसी प्रकार कान्तिमय त्वचा के लिये हल्दी वाला दूध पियें। रूइ के फाहे को हल्दी वाले दूध में भिगो कर प्रभावित भाग पर 15 मिनट के लिये लगायें, इससे त्वचा पर लाली और चकत्ते कम होंगें। इससे आपकी त्वचा पर निखार और चमक आयेगी।
14- वजन कम करना
हल्दी वाले दूध से पोषण के वसाओं को नष्ट करने में सहायता मिलती है। यह वजन के नियन्त्रित करने में सहायक होता है।
15- एक्ज़ीमा
एक्ज़ीमा के उपचार के लिये रोजाना एक गिलास हल्दी वाला दूध पियें।

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